एक ही कमरे में चार लाशें मिलने से सनसनी, दिल्ली पुलिस जांच में जुटी
दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में शनिवार, 5 जुलाई 2025 की सुबह एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। ये सभी एक ही कमरे में मृत पाए गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल फैल गया है। प्रारंभिक जांच में दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अन्य एंगल से भी जांच कर रही है।
घटनाक्रम का पूरा विवरण
घटना रात लगभग 3 बजे की बताई जा रही है। मकान में रहने वाले लोग जब सुबह काफी देर तक बाहर नहीं निकले, तो पड़ोसियों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर का दृश्य भयावह था — चारों लोग मृत अवस्था में पड़े थे। कमरे में कोई लड़ाई या संघर्ष के निशान नहीं मिले।
मृतकों की पहचान और रिश्ते
चारों मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। जानकारी के अनुसार, वे आपस में दोस्त थे और किसी पार्टी या सामूहिक मिलने के उद्देश्य से उस कमरे में एकत्र हुए थे। अभी तक उनके नाम और रिश्तों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
दम घुटने की आशंका: बंद कमरे और एयर वेंटिलेशन की भूमिका
पुलिस के अनुसार, जिस कमरे में सभी की मौत हुई वह पूरी तरह से बंद था, न तो खिड़कियां खुली थीं और न ही किसी तरह की वेंटिलेशन की व्यवस्था थी। कमरे में एसी और जनरेटर की उपस्थिति से गैस लीक या कार्बन मोनोऑक्साइड ज़हर का संदेह जताया जा रहा है।
🧪 प्रारंभिक फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार:
- कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम पाई गई।
- कार्बन मोनोऑक्साइड की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
- शरीर पर कोई बाहरी चोट या निशान नहीं पाए गए।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है। कमरे को सील कर दिया गया है और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया और सामाजिक माहौल
घटना से पूरे मोहल्ले में खौफ का माहौल है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मृतक अक्सर मिलते थे लेकिन किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका पहले कभी नहीं जताई गई थी। एक पड़ोसी ने कहा, “हमने सोचा कि कोई पार्टी चल रही होगी, लेकिन इतनी खामोशी थी कि शक हुआ।”
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में यदि कोई धुआं या गैस रिसाव हो तो कुछ ही मिनटों में दम घुट सकता है। खासकर कार्बन मोनोऑक्साइड एक ‘साइलेंट किलर’ मानी जाती है क्योंकि यह बिना गंध के होती है और इंसान को होश भी नहीं होता कि वह ज़हर ग्रहण कर रहा है।
निष्कर्ष
दक्षिणपुरी में हुई यह दर्दनाक घटना न केवल एक जाँच का विषय है, बल्कि यह लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि बंद कमरों में एयर वेंटिलेशन की कमी और गैस रिसाव जैसे पहलुओं को हल्के में न लें। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा।